5G Technology सिर्फ 17 सेकंड में पूरी फिल्म हो जाएगी download | भारत मे कब लॉंच होगा

5G Technology : 4G से करीब 20 गुना तक अधिक तेज, 17 सेकंड में पूरी फिल्म हो जाएगी download.

2G से SMS और 3G से नेटवर्क के साथ इंटरनेट ब्राउज़िंग की शुरुआत हुई । फिर 4G Network आया इंटरनेट को और तेज गति प्रदान की ।

 अब 5G का जमाना आ रहा है ...

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इसमे इंटरनेट ऑफ थिंग्स का सपना साकार होगा, केंद्र सरकार सितम्बर से इंडिया में 5G ट्रायल की अनुमति दे सकती है । तो दोस्तो आइये समझते है की 5G और यह हम पर कैसे असर डालेगा...

इस पोस्ट मे हम जानेंगे -

  • 5G से कितनी स्पीड मिलेगी ?
  • 5G को कैसे मिलती है इतनी गति ?
  • इसमे कौन सी तकनीकी इस्तेमाल की जा रही है ?
  • 5G में क्यों लग रहा है ज्यादा समय ?
  • 5जी का क्या-क्या इस्तेमाल होगा ?
  • इंडिया में 5जी की क्या स्थिति है ?


1. 5G से कितनी स्पीड मिलेगी ?

5जी सेवा अगली पीढ़ी की सेलुलर तकनीक है। 5जी में वायरलेस चिपमेकर क्वालकॉम को Download स्पीड 1.4 जीबी प्रति सेकंड मिली थी, हालांकि इसमें औसत स्पीड 1.4 जीबी प्रति सेकंड Download की मनी जा रही है । 

इसका अर्थ है की यह मौजूदा 4जी से करीब 20 गुना तक अधिक तेज होगा और एक पूरी फिल्म को download करने में सिर्फ 17 सेकंड का समय लगेगा, जबकि 4जी करीब 6 मिनट लगते है ।   

2. 5जी को कैसे मिलती है इतनी स्पीड ?

5जी गति के लिए एक अन्य तकनीक का इस्तेमाल करता है । इसमे ज्यादा स्वचिंग केंद्र नहीं होते है, इसे हम एसे समझ सकते है की Smartphone पर हम किसी किसी कमांड जैसे की वेब सर्च को जारी करते है । 

इसकी प्रतिक्रिया में 50 से कई सौ मिली सेकंड का अंतर आम होता है । इसका कारण है की संकेतो को कई स्विचिंग केन्द्रो के बीच से गुजारना होता है, 5जी में यह देरी कम होती है । 

3. इसमें कौन सी तकनीकी इस्तेमाल की जा रही है ?

5जी को पाँच तकनीकों का संगम भी कहा जा रहा है । इनमें मिलीमीटर वेव, स्मॉल सेल,मैसिव माइमो, बिमफ़ार्मिंग और फूल डुप्लेक्स, शामिल है । 

फिलहाल हमारे Smartphone या TV 6 गीगाहर्ट्ज से नीचे की फ्रीक्वेन्सी पर चलते है । अब मिलिलीटर वेव के इस्तेमाल करने की तैयारी है । लेकिन ये पेड़ या इमारतें को पर नहीं कर पाती है । 

इसलिए इसके साथ स्मॉल सेल तकनीक को मिलाया जा रहा है, मैसिव माइमो का भी इस्तेमाल हो रहा है । 

4. 5जी में क्यों लग रहा है ज्यादा समय ?

2जी में रेंज 5 किमी होती थी, यानि एक टावर इतना बड़ा इलाका कवर कर सकता था । 3जी और 4जी मे यह रेंज कम होती गई, यानि टावर की जरूरत बढ़ती गई, 5जी में रेंज 50 मीटर से 100 होगी, यानि बहुत ज्यादा टावर्स लगेंगे। 

इसमें समय लगता है, इसके अलावा इसका इस्तेमाल रियल टाइम के लिए होगा, जैसे की यदि ड्राईवरलेस गाड़ी चल रही है और अचानक सिग्नल चला जाए तो एक्सिडेंट हो जाएगा, यही वजह है की इसमें काफी सावधानी बरती जा रही है ।  

5. 5G का क्या-क्या इस्तेमाल होगा ?

5जी से मोबाइल डाटा, घरेलू इंटरनेट के अलावा ड्राईवरलेस ट्रांसपोर्ट, स्मार्ट सिटीज वर्चुअल रियलिटी और बहुत तेज रियल टाइम अपडेट मिलेगा । अमेरिका, दक्षिण कोरिया, चीन 5G सर्विस में लीड कर रहे है । 

6. भारत में 5जी की क्या स्थिति है ?

सरकार टेस्टिंग और स्पेक्ट्रम पर काम कर रही है, सितंबर से ट्रायल शुरू हो सकता है । हुवावे जैसी चीनी कंपनिया बाहर हो गई है । संभवत : 2021-22 मे इसकी कॉमर्शियल launching हो सकती है । 

तो फ्रेंड्स हमने आपको इस पोस्ट में वो सारी जानकारी देने की कोशिश की है जो आप जानना चाहते है अगर आपको इसमे कुछ भी ऐसी चीज है जो समझ में नहीं आई हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में सवाल कर सकते है। 

आज की इस पोस्ट में बस इतना ही । हम ऐसी ही Technology से सम्बंधित जानकारियाँ Share करते रहते है, 

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